भारत ने ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन (हरित ऊर्जा परिवर्तन) में इतिहास रच दिया है। अडाणी समूह की रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने कच्छ सीमा पर स्थित खवड़ा में कुल 3.37 गीगावाट/घंटे की क्षमता का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) शुरू कर दिया है। चीन को छोड़कर पूरी दुनिया में एक ही जगह पर बना यह सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट है। यहां रखी बैटरियों में सौर या पवन ऊर्जा से बनी बिजली को स्टोर कर जरूरत पड़ने पर किसी भी शहर को सप्लाई दी जा सकती है। रिकॉर्ड 10 महीने में बने इस सिस्टम से