ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का गोचर करना विशेष महत्वपूर्ण माना जाता है। देवगुरु बृहस्पति करीब 12 साल बाद कर्क राशि में 2 जून को गोचर करने जा रहे हैं। बृहस्पति देव देर रात 2 बजकर 25 मिनट पर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि बेहद ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कर्क राशि में गुरु ग्रह 31 अक्तूबर तक विराजमान रहेंगे। इस दौरान कई राशियों की बल्ले-बल्ले होगी। करियर प्रोग्रेस, नई नौकरी मिलने के चांस, आय वृद्धि होना या आर्थिक स्थिरता बनीं रहेगी। आइए आपको बताते हैं कौन हैं ये लकी राशियां