सौरभ मुखर्जी ने एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि 2030 तक भारत में AI ऑटोमेशन से 1.8 करोड़ नौकरियां प्रभावित होंगी, जबकि केवल 30 लाख नई तकनीकी नौकरियां पैदा होंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि तकनीकी क्षेत्र में चल रही छंटनी AI के बड़े प्रभाव का सिर्फ एक ट्रेलर है, जो डिजिटल कामों को तेजी से स्वचालित कर रहा है।