IPL में 2011 से पहले नहीं होता था प्लेऑफ, पहले तीन सत्र में हुए थे सेमीफाइनल, जानें क्यों हुआ बदलाव

आईपीएल में प्लेऑफ होने का सबसे बड़ा कारण निरंतरता को व्यर्थ न जाने देना है। प्लेऑफ से यह भी सुनिश्चित होता है कि अंतिम-4 में जगह तय होने के बाद भी कोई टीम किसी मैच को हल्के में नहीं ले सकती और अंतिम मैच तक लड़ेगी। ब्रॉडकास्टर को भी इससे फायदा है। उसे भी एक अधिक मैच मिल जाता है।