Share Market : हर कोई यह जानने को बेताब है कि एफआईआई भारतीय शेयर बाजार में दोबारा खरीदारी कब शुरू करेंगे. कंपनियों की धीमी आय वृद्धि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और रुपए की कमजोरी ने विदेशी निवेशकों को भारतीय शेयर बेचने को मजबूर किया है. साल 2026 में वे अब तक दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की भारतीय इक्विटी बेच चुके हैं.