Data breaches, ransomware and hacking incidents, security flaws and patches, and how organisations and users can protect themselves.

Cyber Crime Awareness: साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव को लेकर वृहद साइबर सुरक्षा कार्यशाला आयोजित हुई। एक हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञ ने डिजिटल लेनदेन में सावधानी के उपाय बताए।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब केवल तकनीकी सुविधा का माध्यम नहीं रह गया है। भारत की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In ने चेतावनी दी है कि AI आधारित साइबर हमले तेजी से बढ़ रहे हैं और ठग अब लोगों की आवाज व चेहरे तक का इस्तेमाल कर डिजिटल अपराधों को अंजाम दे रहे हैं।

Truecaller ने लॉन्च किया नया Scam Checker टूल। अब अनजान नंबर, संदिग्ध फिशिंग लिंक और फ्रॉड मैसेज की एक ही जगह होगी तुरंत पहचान। जानें यह टूल कैसे काम करता है।

इंदौर, 27 सितंबर 2026: इंदौर सॉफ्टवेयर एसोसिएशन (ISA) द्वारा आयोजित आईएसए मैराथन 1.0 में 2,000 से अधिक धावकों ने 3 किमी एवं 5 किमी श्रेणियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। मैराथन का उद्देश्य इंदौर के आईटी समुदाय को एक मंच पर लाने के साथ फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति एवं साइबर सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राजेश दंडोतिया, एडिशनल डीसीपी, क्राइम ब्रांच की गरिमामयी उपस्थिति रही। मध्यप्रदेश के माननीय... The post आईएसए मैराथन 1.0 में दिखी इंदौ

साइबर सुरक्षा की पढ़ाई में छात्र-छात्राओं के लिए अब तकनीकी अंग्रेजी की बाधा रुकावट नहीं बनेगी।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता से साइबर सुरक्षा तक, विशेषज्ञों ने दिखाए तकनीक के नए आयाम

नई दिल्ली। साइबर सुरक्षा के बढ़ते खतरों, डेटा ब्रीच और डार्क वेब पर आए दिन करोड़ों पासवर्ड्स लीक होने की घटनाओं के बीच डिजिटल सुरक्षा बनाए रखना हर इंटरनेट यूजर के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। आपका गूगल अकाउंट केवल ई-मेल (Gmail) तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे आपके यूट्यूब चैनल, गूगल ड्राइव पर स्टोर पर्सनल डॉक्यूमेंट्स, गूगल फोटोज की निजी यादें और गूगल पे (Google Pay) से जुड़े बैंकिंग ट्रांजैक्शंस तक सब कुछ सीधे कनेक्ट रहता है। यदि किसी हैकर के हाथ आपका गूगल पासवर्ड लग जाए, तो आपकी पूरी डिजिटल प

नई दिल्ली। साइबर सुरक्षा की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस तरह जटिल सुरक्षा परीक्षणों की रफ्तार बदल रहा है, इसका एक दिलचस्प उदाहरण सामने आया है। भारत के तीन साइबर सिक्योरिटी रिसर्चरों ने ओपनएआइ के सिस्टम में मौजूद सुरक्षा कमजोरियों की पहचान कर

जुलाई में तीन भारतीय रिसर्चर्स ने क्लाउड की मदद से ओपनएआई के सिस्टम को हैक कर दिया। यह अवैध हमला नहीं, बल्कि कंपनी के बग-बाउंटी प्रोग्राम के तहत किया गया सुरक्षा टेस्ट था। आइये जानते हैं तीनों हैकर्स के बारे में..., India News in Hindi - Hindustan

नई दिल्ली। AI के दौर में ऑनलाइन सुरक्षा बेहद गंभीर विषय हो जाता है। इस साल जुलाई में भारतीय मूल के तीन लड़कों ने एंथ्रोपिक के Claude AI की मदद से ChatGPT बनाने वाली OpenAI के सिस्टम में सेंध लगा दी। तीनों लड़के साइबर सुरक्षा शोधकर्ता थे और यह कोई अटैक नहीं बल्कि OpenAI के बग-बाउंटी प्रोग्राम के तहत की गई एक सेफ्टी टेस्टिंग थी। 72 घंटे चले इस बग बाउंटी प्रोग्राम में तीनों रिसर्चर्स ने OpenAI के कर्मचारियों के खातों से लेकर प्राइवेट गिटहब तक को एक्ससे कर लिया था। बता दें कि बग बाउंटी प्रोग्राम कई

नई दिल्ली, 19 सितंबर (आईएएनएस)। बीजू जनता दल (बीजेडी) के नेता संतृप्त मिश्रा ने शनिवार को केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने और साइबर सुरक्षा के लिए फंडिंग के दूसरे तरीकों पर विचार करे। साथ ही, छोटे व्यवसायों और उपभोक्ताओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित करे।

तीन भारतीय मूल के रिसर्चर्स ने एंथ्रोपिक के एआई एजेंट का उपयोग करके ओपनएआई की आंतरिक रिपॉजिटरी तक पहुंच बनाई। उन्होंने दो महत्वपूर्ण सुरक्षा बग का फायदा उठाया, जिसकी जानकारी देने पर ओपनएआई ने उन्हें $6,500 का इनाम दिया।
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