प्रसंगवश: गोली-धमाके नहीं, अब गूंज रही ‘शिक्षा’ की घंटी

छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा प्रभावित रहे क्षेत्रों में दशकों बाद खुल रहे स्कूल। शासन-प्रशासन को चाहिए कि वे व्यवस्थाएं दुरुस्त करे।