ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस: मानव स्वतंत्रता की आखिरी परीक्षा का नाम

प्रो. आरके जैन “अरिजीत” 2030 तक मानव सभ्यता एक भयावह और आश्चर्यजनक मोड़ पर पहुंचने वाली है। वह दौर जब मस्तिष्क की अंतिम सीमाएँ भी टूट जाएँगी। ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस ( बीसीआई ) अब कोई दूर की कल्पना नहीं रहा। न्यूरालिंक के चिप्स मस्तिष्क में उतर चुके हैं , सिग्नल पढ़े जा रहे हैं और विचार सीधे क्रियाओं में बदल रहे हैं। एक पैरालाइज्ड व्यक्ति मात्र सोचकर कर्सर हिला रहा है , रोबोटिक हाथ चला रहा है। लेकिन यही तकनीक कल पूरे समाज की नींव हिला देगी। 1.4 अरब की आबादी वाला भारत , जहां हर व्यक्ति की सोच , आस