दिल्ली की एक अदालत ने कहा है कि महज इसलिए कि कोई महिला देर रात फोन पर किसी पुरुष से बात करती है, उसके चरित्र पर सवाल उठाने या उसकी निजता में दखल देने को उचित ठहराने का कारण नहीं हो सकता। इसके लिए उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) को सुरक्षित रखने की भी जरूरत नहीं है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शुनाली गुप्ता ने यह टिप्पणी एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी और एक अन्य व्यक्ति के सीडीआर को संरक्षित करने के लिए दायर अपील को खारिज करते हुए की। न्यायाधीश ने कहा, ‘किसी व्यक्ति से बात करने मात्र से महिला के चरित्र