'जहां कभी गोलियां गूंजती थीं, अब वहां चौके-छक्कों की गूंज'; चंबल के बीहड़ से निकल रहे टीम इंडिया के सितारे

चंबल, जो कभी डकैतों और हिंसा के लिए बदनाम था, आज क्रिकेट की नई पहचान बन चुका है। पिछले चार वर्षों में चंबल क्रिकेट डिवीजन ने 30 खिलाड़ियों को स्टेट टीम, 5 को रणजी और 3 को भारतीय अंडर-19 टीम तक पहुंचाया है।