ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का जनाजा अब शियाओं के पवित्र शहर नजफ और कर्बला में पहुंच चुका है. ये वही शहर है जहां अली खामेनेई कभी बतौर स्टूडेंट पहुंचे थे. आज 69 वर्ष बाद उनका पार्थिव शरीर इस शहर में पहुंचा है इसी के साथ शियाओं के इतिहास में बगावत और प्रतिरोध की परंपरा एक बार फिर दिखी है.