नई दिल्ली। वैवाहिक जीवन दो अलग-अलग विचारों, व्यक्तित्वों और प्राथमिकताओं वाले व्यक्तियों का एक पवित्र संगम होता है। जब दो लोग एक छत के नीचे साथ रहने लगते हैं, तो छोटी-मोटी बातों पर असहमति होना स्वाभाविक है। हालांकि, जब यही सामान्य नोकझोंक रोजमर्रा के कटु झगड़े, तनाव और मानसिक दूरी में बदलने लगे, तो पूरे घर की सुख-शांति भंग हो जाती है। महान कूटनीतिज्ञ, अर्थशास्त्री और समाजशास्त्री आचार्य चाणक्य ने अपनी प्रसिद्ध कृति 'चाणक्य नीति' (Chanakya Niti) में सफल और सुखद गृहस्थ जीवन को लेकर कई व्यावहारिक म