न्यायालय ने कहा, ‘यह तो लूट है। कैंसर की दवा का अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) 27,000 रुपये है, जबकि खुदरा विक्रेताओं को इसकी आपूर्ति 2,700 रुपये में की जाती है।’