TransUnion CIBIL और SIDBI की रिपोर्ट के अनुसार, मैन्युफैक्चरिंग MSME सेक्टर को मिलने वाले कर्ज की वृद्धि पिछले 3 सालों में सबसे धीमी रही है। मार्च 2026 तक इस सेक्टर का कुल बकाया कर्ज 15.3 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया, लेकिन केवल 41% रजिस्टर्ड MSME ही औपचारिक बैंकिंग लोन तक पहुंच बना सके हैं।