नई दिल्ली. वैदिक ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति के गोचर को सबसे महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाओं में माना जाता है और इस बार का गोचर विशेष चर्चा का विषय बना हुआ है. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार देवगुरु बृहस्पति 2 जून 2026 को कर्क राशि में प्रवेश कर चुके हैं. कर्क राशि बृहस्पति की उच्च राशि मानी जाती है, इसलिए इसे अत्यंत प्रभावशाली और शुभ गोचर के रूप में देखा जा रहा है. ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि लगभग 12 वर्षों बाद उच्च के गुरु का यह गोचर व्यक्तिगत जीवन से लेकर राष्ट्रीय और वैश्विक घटनाओं तक व्यापक प्र