आखिर ब्रेकिंग बेड में ऐसा क्या है कि नई पीढ़ी भी इसे देख रही है और पुरानी पीढ़ी दोबारा लौट रही है? इसकी पहली वजह शायद इसकी कहानी नहीं, बल्कि कहानी का सवाल है कि अगर एक बेहद साधारण आदमी को यह यकीन हो जाए कि दुनिया ने उसे उसकी काबिलियत के मुताबिक कुछ नहीं दिया, तो वह कितनी दूर तक जा सकता है?