137 साल की परंपरा फिर जीवंत, बल्ली पूजन के साथ रामलीला का शंखनाद

एक तरफ बदलता दौर, आधुनिक मनोरंजन के साधन और तेजी से बदलती जीवनशैली... दूसरी तरफ 137 साल पुरानी वह परंपरा, जो आज भी डीग की गलियों में रामलीला के रूप में जीवंत है। सोमवार को नीलकंठ महादेव मंदिर, मुख्य बाजार में मंत्रोच्चार और विधि-विधान के बीच बल्ली पूजन के साथ इसी ऐतिहासिक परंपरा के नए अध्याय का शंखनाद हुआ। डीग एसपी कांबले शरण गोपीनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। बल्ली पूजन के साथ ही रामलीला के मंच, पात्रों और संवादों की तैयारियां अब अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। आचार्य पंडित नारायण लाल अखाड़ा