उन्नत चिकित्सा तकनीकों की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल ने रीढ़ की गंभीर विकृति (स्कोलियोसिस) से पीड़ित 16 वर्षीय किशोर का सफल उपचार कर उसे नई जिंदगी दी है। रोबोटिक तकनीक और न्यूरोमॉनिटरिंग की मदद से की गई इस जटिल शल्यक्रिया ने न केवल मरीज की स्थिति में सुधार किया, बल्कि आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में संस्थान की क्षमता को भी साबित किया है। स्कोलियोसिस से जूझ रहा था किशोर मरीज लंबे समय से स्कोलियोसिस बीमारी से पीड़ित था, जिसमें रीढ़ की हड्डी सामा