युद्ध के दौरान संकट के बावजूद, 12 भारतीय जहाज होर्मुज स्ट्रे से गुजरे। यह बड़ी कूटनीति का नतीजा था। खरीदारी 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक की गई। सरकार ने एलपीजी की लागत से काफी कम रेट पर आम जनता के लिए गैस उपलब्ध कराया और बाकी का बोझ सरकार ने खुद उठाया।