सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से सोशल मीडिया मध्यस्थों के लिए ऐसा कानूनी ढांचा बनाने की संभावना तलाशने को कहा है, जिससे नाबालिगों से जुड़े भारतीय कानूनों का पालन सुनिश्चित हो सके। इसमें 18 साल से कम उम्र के बच्चों के स्वतंत्र रूप से सोशल मीडिया अकाउंट बनाने पर रोक और अभिभावकों की सहमति का प्रावधान शामिल है।