तसलीमा नसरीन ने ममता के करीबी को स्टेज पर बुलाया, मच गया हंगामा, 19 साल बाद कोलकाता लौटकर क्या बोलीं?

करीब दो दशक बाद कोलकाता लौटीं निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन ने कहा कि उनकी वापसी साबित करती है कि अन्याय स्थायी नहीं हो सकता. उन्होंने साफ किया कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक पार्टी के पक्ष या विरोध में नहीं.