प्रशांत महासागर में आकार ले रहा सुपर अल नीनो 2027 की शुरुआत में अपने चरम पर होगा, जिससे दुनिया भर में भीषण बाढ़, सूखा और रिकॉर्ड तोड़ गर्मी का खतरा है। इसके चलते लाखों अतिरिक्त मौतें, भारत में चावल उत्पादन में भारी गिरावट और 5 करोड़ लोगों के भुखमरी की चपेट में आने की आशंका है, जिसे जलवायु परिवर्तन और भी तीव्र कर रहा है।