Why Amitabh Bachchan Quit Politics: अमिताभ बच्चन का नाम आते ही जेहन में सबसे पहले फिल्मों के किरदार और उनका स्टारडम याद आता है, लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब उन्होंने सियासत का रुख किया था. 1984 में राजीव गांधी के कहने पर उन्होंने चुनावी मैदान में कदम रखा और बड़ी जीत दर्ज की. उस वक्त शायद ही किसी ने सोचा होगा कि पर्दे का ये सितारा राजनीति में इतना कम वक्त बिताएगा. मगर जीत के बाद कुछ ऐसा हुआ, जिसने अमिताभ के इस सफर पर सवाल खड़े कर दिए. आखिर महज तीन साल में उन्होंने राजनीति से किनारा क्यों कर लिया?