जैसे-जैसे लोगों की उम्र बढ़ती जाती है, शरीर में नई बीमारियां पैदा होने का खतरा बढ़ता जाता है. ऐसे में 40 साल की उम्र के पार के लोगों को ये टेस्ट जरूर करवाने चाहिए.