देश में किफायती घरों की भारी कमी, 4.5 लाख प्रोजेक्ट्स सालों से अटके

देश में किफायती घरों का संकट लगातार गहराता जा रहा है, जहां एक तरफ मांग के बावजूद बाजार में इनकी हिस्सेदारी 26% से घटकर सिर्फ 10% रह गई है. यह स्थिति तब है जब साल 2030 तक भारत को 2.5 करोड़ अतिरिक्त सस्ते घरों की आवश्यकता होगी.