आमजन की शिकायतों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से शुरू किया गया मुख्यमंत्री जनसुनवाई केंद्र पिछले करीब पांच माह से बिना मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी (ओएसडी) के संचालित हो रहा है। रोजाना शिकायतें और परिवेदनाएं लेकर पहुंचने वाले लोगों को अधिकारी नहीं मिलने से निराश लौटना पड़ रहा है। विडंबना यह है कि केंद्र पर पांच कर्मचारी और तीन सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, लेकिन सक्षम अधिकारी नहीं होने से वर्तमान में शिकायतों का पंजीयन और सुनवाई बंद है। वहीं बेसिक टेलीफोन का बिल जमा नहीं होने से फोन कनेक्शन कट चुका है