दरवाजे के स्टॉपर की तरह इस्तेमाल हो रहा था 7.7 किलो सोने का पत्थर, 3 साल बाद सिर्फ 3.50 डॉलर में बेच भी दिया
सोने की परख जौहरी को ही होती है। ये बात करीब 227 साल पहले ही साबित हो चुकी है। तब 1799 में एक बच्चे को भारी सोने का पत्थर मिला था। मगर वो इसे मामूली मान रहा था तो दरवाजे के आगे रख दिया गया ताकि वो रुका रहे।पर असल पोल 1802 में खुल पाई थी।