चीन में लोग AI कंपनियों को अपना चेहरा और आवाज़ किराए पर देकर हर महीने 1,400 से 67,000 रुपये तक कमा रहे हैं. कंपनियां इन डिजिटल चेहरों का इस्तेमाल विज्ञापनों, लाइव स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया कंटेंट में कर रही हैं. हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इससे पहचान चोरी, डीपफेक और निजी डेटा के गलत इस्तेमाल का खतरा भी बढ़ सकता है.