यूरोपीय संघ (EU) ने रूस के खिलाफ नए प्रतिबंधों का प्रस्ताव पेश किया है, जिसकी जद में भारत की कुछ कंपनियां भी आ सकती हैं. प्रस्तावित कदमों का सबसे बड़ा असर रूस के साथ कारोबार करने वाले भारतीय निर्यातकों और उद्योगों पर पड़ सकता है. ऐसे में भारत के लिए अपने आर्थिक हितों और वैश्विक साझेदारियों के बीच संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.