FPI का भारतीय बाजार से निकलने का सिलसिला मई महीने में भी जारी रहा. इस साल फरवरी को छोड़कर अब तक विदेशी निवेशक 2.25 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा निकाल चुके हैं.