आज के दौर की जनरेशन के लिए मॉल, मल्टीप्लेक्स, स्मार्टफोन और ऑनलाइन दुनिया आम बात है, लेकिन एक दौर ऐसा भी था, जब भारत की पहचान कुछ और ही थी. न बड़े-बड़े शॉपिंग कॉम्प्लेक्स थे, न हर जगह मनोरंजन के आधुनिक साधन. अब इस बीते हुए भारत की झलक दिखाने का दावा अभिनेता मनोज बाजपेयी कर रहे हैं. उनका कहना है कि उनकी फिल्म 'गवर्नर' सिर्फ एक कहानी नहीं, बल्कि उस दौर की यादों और हकीकत की कहानी है, जिसे आज की पीढ़ी ने करीब से नहीं देखा.