Global Debt बढ़ रहा है और ये 365 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच चुका है. अब सरकार को इस भारी-भरकम कर्ज को चुकाने में अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च करना पड़ रहा है.