प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में वितरित खेल सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई स्कूलों में खेल किट और उपकरण समय से पहले टूटने तथा अनुपयोगी होने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे विद्यार्थियों के नियमित अभ्यास और खेल कौशल विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। खेल विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर आधारभूत प्रशिक्षण व्यवस्था न केवल खिलाड़ियों की चयन क्षमता को प्रभावित करती है, बल्कि राज्य की भविष्य की खेल प्रतिभाओं के विकास को भी संकट में डाल रही है।