मोहनगढ़ सहित आसपास के दर्जनों गांवों के लोग उपचार के लिए इसी अस्पताल पर निर्भर हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण अस्पताल में सुबह से ही भीड़ लग जाती है। डॉक्टरों की कमी के चलते मरीजों को अपनी बारी का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जबकि उपलब्ध चिकित्सकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां आ गई हैं।