इंजीनियरिंग की तकनीक अब मशीन, रोबोट और कंप्यूटर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि बीमारी की पहचान, इलाज और मरीजों की निगरानी में भी इसकी भूमिका बढ़ेगी।