KGMU में सोमवार को जन्मजात और आनुवंशिक बीमारियों की समय रहते पहचान और रोकथाम की दिशा में अहम कदम उठाया गया है। पैथोलॉजी विभाग में भारत सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) निदान केंद्र, नवीनीकृत स्नातक व स्नातकोत्तर प्रयोगशाला का शुभारंभ हुआ। कुलपति ने तीनों परियोजना का शुरुआत की। डीबीटी निदान परियोजना की प्रमुख डॉ.मिली जैन ने कहा कि डीबीटी की उम्मीद योजना के तहत यह केंद्र स्थापित किया गया है। इसका मकसद गर्भावस्था और जन्म के बाद बच्चों में होने वाली गंभीर आनुवंशिक एवं जन्मजात बीमारियों की प्