सरकारी तेल विपणन कंपनियां पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से भारी नुकसान झेल रही हैं, जिससे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी पर प्रति लीटरसिलिंडर बड़ा घाटा हो रहा है।