सड़क और एक्सप्रेसवे निर्माण को गति देने के लिए सरकार ने ₹20,000 करोड़ का मास्टर प्लान बनाया है. NHAI अपने मौजूदा हाईवे प्रोजेक्ट्स के मुद्रीकरण के साथ-साथ बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल को फिर से अपना रही है. इससे निजी कंपनियां हाईवे का निर्माण कर टोल से लागत वसूलेंगी और सरकारी खजाने पर बोझ कम होगा.