भाद्रपद की पूर्णिमा से पितृ पक्ष की शुरुआत हो चुकी है और इसका समापन अमावस्या के दिन होता है। पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों को तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान किए जाते हैं। अगर आप भी पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए तर्पण के साथ ही पिंडदान कराने की योजना बना रहे हैं, तो यह लेथ आपके लिए है। पिंडदान के लिए आपको गया जाने की कोई जरुरत नहीं है। अब आप भारत में गया के अलावा भी कई फेमस जगहें , जहां आप श्राद्ध और पिंडदान कर सकते हैं। आइए आपको इन जगहों के बारे में बताते हैं। कुरुक्षेत्र, हरियाणा जैसा कि कुर