गूगल, अमेज़न और मेटा जैसी कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाला ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम (BIF) तर्क देता है कि भारत की बढ़ती डिजिटल जरूरतों को केवल मोबाइल नेटवर्क के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता.