ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय और कर्मों का फल देने वाला देवता माना जाता है। शनि की चाल बहुत धीमी होती है, इसलिए इनका प्रभाव भी जातकों पर लंबे समय तक रहता है। सूर्य पुत्र शनि एक राशि में लगभग ढाई साल तक रहते हैं और अपनी चाल से हर राशि के जीवन में बड़े बदलाव लाते हैं। वर्तमान में कर्मफलदाता शनि मीन राशि में गोचर कर रहे हैं और इसी राशि में रहते हुए 27 जुलाई 2026 को शनि देव उल्टी चाल यानी वक्री होने जा रहे हैं। शनि की उल्टी चाल क्यों मानी जाती है इतनी खास? आमतौर पर शनि की वक्री चाल को कष्टदायक