Tata Sons IPO: दशकों तक, खासकर रतन टाटा के कार्यकाल के दौरान, टाटा संस और पूरे टाटा ग्रुप से जुड़े मुद्दों पर ट्रस्टीज के बीच आम सहमति थी. SDTT के पास टाटा संस की 27.98% और SRTT के पास 23.56% हिस्सेदारी है, जिससे दोनों ट्रस्टों के पास कुल मिलाकर 51.54% हिस्सेदारी हो जाती है.