Teejan bai : तीजन बाई ने कहा था- पंडवानी पर और लिखिए, इस कला को आगे ले जाइए
‘उस किताब को और आगे बढ़ाइए...आपके पास तो मेरे कई साक्षात्कार हैं। पंडवानी पर और लिखिए, इस कला को आगे ले जाइए।’ तीजन बाई पर प्रकाशित पहली पुस्तक के लेखक डॉ.धनंजय चोपड़ा के पास पद्म विभूषण तीजन के जीवन के आखिरी पलों की यही स्मृतियां शेष रह गईं।