हर साल 22 मई को विश्व प्रीक्लेम्पसिया दिवस मनाया जाता है. इस दिन का उद्देश्य महिलाओं में प्रीक्लेम्पसिया के प्रति जागरूकता फैलाना है. क्योंकि ये एक ऐसी बीमारी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं. ये स्थिति गर्भावस्था के 20वें हफ्ते के बाद दिखाई देती है. इस आर्टिकल में एक्सपर्ट से जानते हैं प्रीक्लेम्पसिया के क्या लक्षण हो सकते हैं.